घटायें दिल की पुकारें तुम्हें ,
मौसम की मस्ती निहारें तुम्हें ,
बांध जाओ इश्क की कशिश से
मिल जाएँ सारे नज़ारे तुम्हें ,
बिन तेरे बन गया हूँ मै उल्फत का शहर ,
इनायत करो बन के मेरी हमसफ़र ,
चहक उठेंगे ये गली चौबारे ,
महक उठेंगे ये गुलशन सारे ,
लौट आएँगी फिर वो खुशियाँ ,
जब बन जाओगे तुम हमारे,
झलक दो मिट जाये बेबसी का ज़हर ,
इनायत करो बन के मेरी हमसफ़र
लहरा दो अपना आँचल थाम लूँगा मै,
भर लो बाँहों में कुछ न कहूँगा मै,
गुज़रा हुआ ये पल फिर न आयेगा ,
तुम कहो तो ये पल रोक दूँगा मै,
थाम लो ये बाहें जो यकीन लाए हो मुझ पर,
इनायत करो बन के मेरी हमसफ़र
इश्क से सजा दूँगा तेरे रूप को ,
मै ओढ़ लूँगा तेरे तन की धूप को,
हर खुशी देने का वादा तो नहीं है ,
पर छीन लूँगा तुझसे तेरे ग़मों को,
खिल उठें धडकनें बरस जाओ कभी तो इस कदर ,
इनायत करो बन के मेरी हमसफ़र
मौसम की मस्ती निहारें तुम्हें ,
बांध जाओ इश्क की कशिश से
मिल जाएँ सारे नज़ारे तुम्हें ,
बिन तेरे बन गया हूँ मै उल्फत का शहर ,
इनायत करो बन के मेरी हमसफ़र ,
चहक उठेंगे ये गली चौबारे ,
महक उठेंगे ये गुलशन सारे ,
लौट आएँगी फिर वो खुशियाँ ,
जब बन जाओगे तुम हमारे,
झलक दो मिट जाये बेबसी का ज़हर ,
इनायत करो बन के मेरी हमसफ़र
लहरा दो अपना आँचल थाम लूँगा मै,
भर लो बाँहों में कुछ न कहूँगा मै,
गुज़रा हुआ ये पल फिर न आयेगा ,
तुम कहो तो ये पल रोक दूँगा मै,
थाम लो ये बाहें जो यकीन लाए हो मुझ पर,
इनायत करो बन के मेरी हमसफ़र
इश्क से सजा दूँगा तेरे रूप को ,
मै ओढ़ लूँगा तेरे तन की धूप को,
हर खुशी देने का वादा तो नहीं है ,
पर छीन लूँगा तुझसे तेरे ग़मों को,
खिल उठें धडकनें बरस जाओ कभी तो इस कदर ,
इनायत करो बन के मेरी हमसफ़र